जानिए क्या है कलावा बांधने के पीछे का साइंटिफिक राज

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घरों या मंदिरों में पूजा के दौरान अक्‍सर लोग कलावा बांध लेते हैं। लाल रंग का यह कलावा भले ही धार्मिक विधि-विधान से जुड़ा हो। लेकिन इसके पीछे एक साइंटिफिक लॉजिक भी है। आइए जानें इसके पीछे कौन सा वैज्ञानिक रहस्‍य छुपा हुआ है।

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1. तीनो देवी – देवताओ की होती है कृपा

कलावा को लोग हाथ, गले, बाजू और कमर पर बांधते हैं। कलावा बांधने से आपको भगवान ब्रह्मा, विष्णु व महेश तथा तीनों देवियों लक्ष्मी, पार्वती व सरस्वती की कृपा प्राप्त होती है। लेकिन इसके पीछे एक वैज्ञानिक रहस्‍य भी छुपा है।

 

2. शारीर में भी होते है फायदे

माना जाता है कि कलावा बांधने से ब्‍लड प्रेशर, हार्ट डिसीज, डाइबिटीज और लकवा जैसी गंभीर रोगों से काफी हद तक बचा जा सकता है। शरीर की संरचना का प्रमुख नियंत्रण हाथ की कलाई में होता है, इसलिये इसे बांधने से व्यक्ति स्वस्थ रहता है।

3. वैज्ञानिक कारण

वैज्ञानिकों की मानें तो कलावा हाथ में बांधने से स्‍वास्‍थ्‍य काफी बढ़िया रहता है। इससे शरीर रोगों मुक्‍त रहता है। इस धागे को कलाई पर बांधने से शरीर में वात, पित्‍त तथा कफ से मुक्‍ित मिलती है।

 

4. शास्त्रों के अनुसार

शास्त्रों के अनुसार, पुरुषों एवं अविवाहित कन्याओं को दाएं हाथ में कलावा बांधना चाहिए। विवाहित स्त्रियों के लिए बाएं हाथ में कलावा बांधने का नियम है। कलावा बंधवाते समय जिस हाथ में कलावा बंधवा रहे हों, उसकी मुठ्ठी बंधी होनी चाहिए और दूसरा हाथ सिर पर होना चाहिए।

Source: gyanpanti

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