सर्वांगासन योग के लाभ एवं विधि, बालों और त्वचा की खूबसूरती के लिए

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सर्वांगासन योग

सर्वांगासन क्या है ?

सर्वांगासन योग पूरे शरीर यानि पैर की उंगलियों से लेकर मस्तिष्क तक फायदा पहुंचता है। साथ ही साथ यह कई महत्वपूर्ण स्वास्थ्य लाभ के लिए जाना जाता है। सर्वांगासन को योग की दुनिया में माँ के नाम से पुकारा जाता है क्योंकि यह आसन शरीर के हर अंग को किसी न किसी तरह से स्वास्थ लाभ पहुंचाता है। माँ को देख कर मुस्कान छिपाए नहीं छुपती  उसी तरह सर्वांगासन का प्रतिदिन अभ्यास करने से पूरा शरीर हर्ष व् उल्लास से भरा रहता है और साधक विभिन्न प्रकार की  विकारों से भी बचता है।

सर्वांगासन करने की विधि

सर्वांगासन नीचे दिए गये निर्देशो से आसानी से किया और समझा जा सकता है।

  • सबसे पहले अपनी पीठ के बल सीधे लेट जाएं ।
  • धीरे – धीरे अपने पैरों को ९० डिग्री पे ऊपर उठाएं ।
  • धीरे से सर को अपने पैरों की तरफ लाने का प्रयास करें ।
  • ठोड़ी को सीने से सटा के रखें ।
  • 30 सेकंड या उससे अधिक के लिए मुद्रा को बनाए रखने के लिए प्रयास करें।
  • धीरे – धीरे पूरानी स्तिथी में वापस आ जाएँ।

सर्वांगासन के 10 आश्चर्यचकित लाभ

  1. सर्वांगासन बालों  को गिरने से रोकता है:  यह आसन बालों के लिए बहुत लाभदायक है। इसके नियमित अभ्यास से मस्तिस्क क्षेत्र में रक्त की आपूर्ति के साथ ही पोषक तत्वों का आवागमन बढ़ जाता है और इस प्रकार से बालों के झड़ने, बाल गिरने और बालों का समय से पहले ग्रेयिंग को रोकता है।
  2. सर्वांगासन से त्वचा की देखभाल : त्वचा की खूबसूरती सम्बंधित समस्याओं से अगर आप परेशान है तो आप को नियमित रूप से सर्वांगासन का अभ्यास करनी चाहिए।  यह त्वचा की खूबसूरती को ही नहीं बढ़ाता बल्कि रक्त से विषाक्त पदार्थों और अन्य अपशिष्ट उत्पादों को हटाने में मदद करता है और त्वचा  से संबंधित कई बीमारियों को  रोकता है। यह  आसान झुर्रियों, पिम्पल्स और उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को रोकता है।
  3. सर्वांगासन से वजन को नियंत्रित करना: यह शरीर में  चयापचय कार्यों को विनियमित करता है इस तरह से वजन को नियंत्रित करने में मदद करता है।
  4. सर्वांगासन तथा यौन विकार : यौन समस्याओं और विकारों में इसके करने से बहुत हद तक आराम मिलता है। यह बार-बार गर्भपात, प्रदर, उपदंश, आदि के मामले में प्रभावी है।
  5. सर्वांगासन से थायराइड की  लक्षण कम करना: इस आसन के अभ्यास से थायराइड और पैराथाइरॉइड जैसी ग्रंथियों को उचित रूप में  पोषक तत्व एवं रक्त का प्रवहा सुन्योजित तरीके में हो पाता है जिससे इन ग्रंथियों को स्वास्थ लाभ ही नहीं मिल पाता बल्कि पुर्नजीवित हो जाता  है।
  6. सर्वांगासन से वैरिकाज़ शिरा उपचार : यह पैरों की रक्त वाहिकाओं में रक्त के दबाव कम कर देता है इस प्रकार जो लोग वैरिकाज़ नस से पीड़ित है उनके लिए यह वरदान साबित हो सकता है।
  7. सर्वांगासन से नेत्र रोग उपचार: अगर आप इस आसन को किसी विशेषज्ञ के निगरानी में करते है  तो आपकी  नेत्र दृष्टि को ही नहीं बढ़ाता बल्कि  नेत्र सम्बंधित परेशानियों से  भी बचाता है। यह ईएनटी क्षेत्र में रक्त परिसंचरण  को बढ़ावा देता है ।
  8. सर्वांगासन से पेट में अल्सर रोकना : यह पेट  से  सम्बंधित अंगों को सक्रिय करता  और उचित एन्ज़ीमेस के स्राव में मदद करता है जिसके कारन कोलाइटिस, अल्सर,  क्रोनिक दर्द  आदि से लोगों को छुटकारा  देने में मददगार है।
  9. सर्वांगासन से उच्च रक्तचाप  कम करना: यह उच्च रक्तचाप, जलन, गुस्सा  इत्यादि को कम करने में लाभदायक है।
  10. सर्वांगासन कब्ज से छुटकारा दिलाता है : आसन आंत्र की मुक्त आवाजाही को नियंत्रित करता है और पूरी तरह से कब्ज ख़त्म कर देता है ।

Source: gyanunlimited

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