घर का वैद्य – मूली

घर का वैद्य - मूली

सर्दी शुरू हो चुकी है और सर्दी की सब्जियों में सलाद में खीरे, टमाटर के साथ मूली का भी समावेश हो गया है। मूली केवल स्वाद बढ़ाने के लिए नहीं है, बल्कि इसके चिकित्सकीय गुण इतने अधिक है, न केवल मूली बल्कि इसके पत्ते भी कफ, पित्त और वात तीनों दोषों को नाश करने में मदद करते हैं। मूली को कच्चा खाना विशेष रूप से लाभ देता है। मूली पतली ली जानी चाहिये। ज्यादातर लोग मोटी मूली लेना पसंद करते हैं, क्योंकि वह खाने में मीठी लगती है परन्तु गुणों में पतली मूली अधिक श्रेष्ठ है।
1. मूली शरीर से कार्बन डाई ऑक्साइड निकालकर ऑक्सीजन प्रदान करती है।
2. मूली हमारे दाँतों और ह ड्डयों को मजबूत करती है।
3. थकान मिटाने और अच्छी नींद लाने में मूली का विशेष योदान होता है।
4. यदि पेट में की़डें हो गये हों, तो उनको निकालने में भी कच्ची मूली लाभदायक होती है।
5. हाई ब्लड प्रेशर को शांत करने में मूली मदद करती है।
6. पेट संबंधी रोगों में यदि मूली के रस में अदरक का रस और नींबू मिलाकर नियम से पीया जाये, तो भूख बढ़ती है और विशेष लाभ होता है।
7. मूली के बारे में यह धारणा है कि यह ठण्डी तासीर की है और खाँसी बढ़ाती है। परन्तु यह धारण गलत है। यदि सूखी मूली का काढ़ा बनाकर जीरे और नमक के साथ उसका सेवन किया जाये, तो न केवल खाँसी बल्कि दमे के रोग में भी लाभ होता है।
8. पीलिया आदि होने पर जोकि सामान्यत: लीवर के खराब होने से होता है। मूली का सेवन विशेष लाभ देता है।
मूली और सौन्दर्य
1. हर रोज मूली खाने से शरीर की खुश्की दूर होती है।
2. मूली के रस में नींबू का रस समान मात्रा में मिलाकर चेहरे पर लगाने से चेहरे की रंगत निखरती है।
3. त्वचा के रोगों में यदि मूली के पत्तों और बीजों को एक साथ पीसकर लेप कर दिया जाये, तो यह रोग खत्म हो जाते हैं।

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Source: shiromaninews

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