मिर्गी रोग का घरेलू उपचार, कारण, लक्षण

मिर्गी रोग का घरेलू उपचार, कारण, लक्षण

मिर्गी का कारण – इस रोग का मुख्य कारण अभी तक ज्ञात नहीं हो सका है। अत्यधिक हस्त मैथुन, पुराना अांव, चोट, वीर्य-क्षीणता, पेट में कीड़े आदि इस रोग के प्रमुख कारण हैं।

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लक्षण – अकड़न व यकायक मूर्च्छावस्था, अकड़न का दौरा होने पर रोगी का पिछला भाग टेढ़ा पड़ जाना, मुंह से फेन निकलने लगना, दांती लग जाना, हाथ-पैर पटकना आदि लक्षण प्रकट होते हैं।

मिर्गी रोग का घरेलू उपचार

( Mirgi ka gharelu ilaj )

– मिर्गी की अवस्था में रोगी अचेतन अवस्था में हो जाता है तथा चेतना लुप्त हो जाती है। राई पीसकर चूर्ण बना लें तथा दौरे के समय रोगी को सुंघा देने से बेहोशी दूर होती है।

– तुलसी के पत्तों के रस में जरा-सा-सेंधा नमक मिलाकर 1-1 बूँद नाक में टपकाने और इसके पत्तों को पीसकर शरीर पर मलने या उबटन लगाने से मिर्गी के रोग में लाभ होता है।

– तुलसी की पत्तियों के साथ कपूर सुंघाने से मिर्गी के रोगी को होश आ जाता है।

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