मलेरिया बुखार की ख़ास आयुर्वेदिक दवा

मलेरिया प्राय: मच्छर के काटने पर होता है। मलेरिया से ग्रसित व्यक्ति को तेज़ बुखार आता है और सर्दी भी अधिक लगती है। सर्दी लगकर बुखार आना यह मलेरिया के लक्षणों में से एक लक्षण है। मलेरिया बुखार होनें पर व्यक्ति तेज़ मिर्च, तेलिय पदार्थों से परहेज़ करना चाहिए।

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खाने में जितना सादा भोजन लें उतना ही अच्छा रहता है। मलेरिया से ग्रसित व्यक्ति को सर्दी अधिक लगनें की वजह से बदन को ओढ़कर रखना चाहिए। नीचे दिए गए आयुर्वेदिक उपाय से मलेरिया जल्द ही ठीक हो जायेगा।

मलेरिया बुखार का आयुर्वेदिक इलाज़ –  

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फूली हुई फिटकरी के चूर्ण चार गुना पीसी हुई खाँड या चीनी अच्छी तरह मिला लें। दो ग्राम की मात्रा गुनगुने पानी से दो-दो घंटे बाद तीन बार लें। तीन खुराकों के लेने से ही मलेरिया नहीं रहेगा। बुखार तब भी रहे तो आवश्यकतानुसार एक-दो खुराकें और ली जा सकती है। मलेरिया तथा तीसरे और चौथे रोज आने वाले बुखार में अचूक है। यह दवा कुनैन से भी अधिक लाभदायक है और किसी प्रकार गर्मी-खुश्की नहीं करती।

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