देर से उठने की आदत का क्या है नुकसान?

अर्ली टू बेड एंड अर्ली टू राइज़’ यह कहावत यूं ही नहीं बनी है। टू बेड एंड अर्ली टू राइज़’ यह कहावत यूं ही नहीं बनी है। सुबह उठने के कितने भी फायदे हम हमेशा से सुनते आ रहे हों लेकिन बात जब सोने के तौर-तरीकों की होती है तो इसका संबंध न सिर्फ हमारी जीवनशैली से है बल्कि हमारे दिमाग और हार्मोन्स से भी है।जर्मनी के शोधकर्ताओं ने अपने शोध में एमआरआई के आधार पर यह अंदाजा लगाया है कि जल्दी उठने वालों और देर से उठने वाले लोगों के दिमाग में क्या अंतर हो सकता है।

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अमूमन नींद के मामलें में तीन तरीके के लोग होते हैं। पहले जो सुबह जल्दी उठते हैं, दूसरे जो देर से उठते हैं और तीसरे जो दोनों परिस्थितियों में रह सकते हैं।

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