सावधान ! Plastic की बोतल में पानी पीने वाले इसे पढ़ें

Plasticप्लास्टिक का इस्तेमाल तो आज हमारे जीवन का हिस्सा बन चुका है, खासकर भारत में तो Plastic का इस्तेमाल हमारी आदतों में शुमार हो चुका है. पीने वाले पानी से लेकर पैक किया हुआ खाना हम प्लास्टिक में ही अपने घर में लेकर आते है लेकिन क्या आपको प्लास्टिक के पैरामीटर्स के बारे में कुछ पता है. पानी की बोतल के पीछे आपने ये अंक देखे होंगे. जोकि एक सर्वमान्य प्रतीक होते है. सोसाइटी ऑफ द प्लास्टिक द्वारा इन्हे जारी किया गया है. ये चार 4 तरह के होते हैं.

नंबर 1 के साथ जो तस्वीर आपकों दिखाई दे रही है उसे पॉलीइथाइलीन टेरेप्थालेट कहते है, इस तरह कीPlastic का इस्तेमाल बोतल बनाने के लिए किया जाता है, खास कर शराब के लिए ये प्लास्टिक बेहतर माना जाता है. इसमे बैक्टिरिया को इकट्ठा करने की क्षमता होती है, और इसका ज्यादा इस्तेमाल करना हानिकारक माना जाता है.

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नंबर 2- दो नंबर की जो प्लास्टिक जो आपकी स्क्रीन पर दिखाई दे रही है उसे हाई डेनसिटी पॉलीइथाइलीन कहते हैं. ये Plastic मोटा और धुंधला दिखाई देता है, अमूमन इसका इस्तेमाल डिटरजेंट, मक्खन या फिर दूध जैसी चीजों को रखने के इस्तेमाल में किया जाता है. ये सुरक्षित और लंबे समय तक इस्तेमाल करने के लिए बने होते है.

नंबर 3- तीन नंबर की जो प्लास्टिक जो आपकी स्क्रीन पर दिखाई दे रही है. उसे पॉलीवेनिल क्लोराइड कहते है. ये हार्ड किस्म की प्लास्टिक होती है इसका इस्तेमाल पाइप या ट्यूब जैसी मजबूत चीजों को बनाने के लिए किया जाता है. इस तरह के Plastic से बने कंटेनर में रखा खाना आपके लिए हानिकारक होता है. लिहाजा इसके इस्तेमाल से बचें.

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नंबर 4- चार नंबर की जो प्लास्टिक जो आपकी स्क्रीन पर दिखाई दे रही है. उसे लो डेनसिटी पॉलीइथाइलीन कहते है. इस तरह की Plastic का इस्तेमाल कई देशों में बैन है लेकिन भारत में इसका इस्तेमाल जमकर किया जाता है. इनमे रखे खाने को सेहत के लिए सेफ तो माना जाता है लेकिन ऐसी प्लासिटक की रिसाइकिलिंग नहीं हो सकती है.
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