तनाव में खाते वक्त हम कुछ भी खा लेते हैं जिसका शरीर पर बुरा प्रभाव पड़ता है,

स्ट्रेस ईटर यानी तनाव में खाने वाला

तनाव आजकल की दिनचर्या का हिस्सा बनता जा रहा है, हालांकि सभी को पता है कि तनाव तन और मन दोनों के लिए ठीक नहीं है फिर भी लोग किसी न किसी कारण से तनाव लेते हैं। इसके लिए सबसे अधिक जिम्मेदार कारण लोगों की महत्वाकांक्षा है। तनाव होने पर कुछ लोग अजीब हरकतें करते हैं और इससे बचने के कई अजीब तरीके भी निकालते हैं। लेकिन कुछ लोग ऐसे भी हैं जो तनाव दूर करने के लिए किचन में जाते हैं या फिर कुछ न कुछ खाने लगते हैं, इस तरह के लोगों को ही स्ट्रेस ईटर कहा जाता है। चूंकि तनाव होने पर शरीर की एड्रेनॉल ग्रंथि से कार्टिसोल नामक हार्मोन का स्राव होता है जिससे भूख बढ़ती है। यानी कि तनाव भूख को बढ़ा देता है। यह सेहत के लिहाज से सही नहीं है और इससे निजात पाना जरूरी है। इस स्लाइडशो में हम आपको बता रहे हैं कि इस परिस्थिति से कैसे बाहर निकलें।

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स्ट्रेस ईटर यानी तनाव में खाने वाला
 मुद्दे से न भटकें
  • तनाव तभी होता है जब हम बेवजह काम करते हैं या फिर बेहजह की बातों में उलझ जाते हैं यानी हम अपने मुद्दे से भटक जाते हैं। ऐसे में तनाव होना लाजमी है और तनाव के कारण भूख अनियंत्रित हो जाती है। इसे रोकने का सबसे अच्छा तरीका है कि आप खुद से सवाल करें कि वास्तव में आपको क्या करना चाहिए और आपके लिए क्या महत्ववपूर्ण है।
स्ट्रेस ईटर यानी तनाव में खाने वाला

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