हाई ब्लड प्रैशर कंट्रोल करने के 9 आसान तरीके

तेज रफ्तारी और बिजी शैड्यूल में हम लोग अपनी सेहत का खास ध्यान नहीं रखते। बेवक्त खाने पीने, उठने-बैठने और तनावी माहौल की वजह से शरीर बीमारियों की चपेट में आसानी से आ जाता है। हाई-लो ब्लड प्रैशर, शुगर और हार्ट से जुड़ी बीमारियां लोगों में आम सुनने को मिल रही है।ब्लड प्रैशर हाई हो या लो दोनों ही शरीर को नुकसान पहुंचाते हैं। लो ब्लड प्रैशर की वजह से दिल, किडनी, लीवर पर बुरा असर पड़ता है जबकि हाई ब्ल़ड प्रैशर में हार्ट अटैक, लकवे का खतरा बना रहता है। हाई ब्लड प्रैशर को लो ब्लड प्रैशर की तुलना में ज्यादा नुकसानदेह होता है। आपने हाई ब्लड प्रैशर की परेशानी से जूझते आम लोगों को देखा होगा। इसे हाइपरटेंशन भी कहते हैं। आजकल तो यह प्रॉब्लम यंगस्टर्स को भी होने लगी है। खून का दौरा तेज होने पर दिल की धमनियों पर दबाव बढ़ जाता है। इस स्थिति में रोगी के रक्त का दबाव 140/80 से अधिक हो जाता है, जिससे सिर चकराने, आंखों के आगे अंधेरा, घबराहट जैसी परेशानियां महसूस होने लगती हैं।

Loading...

इसे कंट्रोल करने के लिए लोग ज्यादातर दवाइयों का सहारा लेते हैं लेकिन इस स्थिति में यह जानना भी बहुत जरूरी है कि इस स्थिति में क्या करना चाहिए और क्या नहीं? ऐसे बहुत सारे कुदरती उपाय भी हैं, जिनकी मदद से हाई बल्ड प्रैशर पर काबू पाया जा सकता है।

-नमक का सेवन कम करें

हाई ब्लड प्रैशर में नमक का सेवन ज्यादा न करें क्योंकि इससे ब्लड प्रैशर और बढऩे का खतरा रहता है। नमक में सोडियम की मात्रा बहुत अधिक होती है जो हमारे शरीर के लिए अच्छी नहीं होती इसलिए इस न के बराबर ही लें।

– पोटाशियम वाला आहार 

अपने आहार में पोटेशियम युक्त फल और सब्जियों को शामिल करें। आलू, शकरकंदी, टमाटर, संतरें का रस, केला, राजमा, नाशपति, किशमिश, सूखे मेवे और तरबूज आदि में पोटेशियम काफी मात्रा में होता है।

– डार्क चॉकलेट

डार्क चॉकलेट में फ्लेनोल्डक भरपूर मात्रा में पाया जाता है जो रक्त वा‍हिनियों को अधिक लचीला बनाने में मदद करते हैं। शोध में यह बात कही गई है कि डार्क चॉकलेट का सेवन करने वाले 18 फीसदी लोगों में रक्तचाप की कमी आई है।

-चाय

गुलहड़ की चाय पीने से हाई ब्लड प्रैशर की समस्या से बचा जा सकता है। लगातार 2 महीने इस चाय का सेवन करने से रक्तचाप को 7 प्वाइंट तक कम किया जा सकता है।

-पॉवर वॉक

पॉवर वॉक यानी तेज गति से चलना। इससे आपका शरीर तो फिट रहेगा ही बल्कि इससे ब्लड प्रैशर को काबू करने में भी मदद मिलती है। एक्सरसाइज करने से दिल मजबूत होता है। हफ्ते में 4 से 5 दिन कार्डियो पर 30 मिनट रनिंग करने से काफी फायदा होता है।

-गहरी सांस लें

सुबह शाम 5 से 10 मिनट तक योग करना आपके स्वास्थय के लिए फायदेमंद होगा। गहरी-गहरी सांसें लें, इससे आपका पेट पूरी तरह फूल जाएगा और सांसे छोड़ते ही आपकी सारी चिंता भी बाहर निकल जाएगी।

-संगीत

संगीत सुनने से आत्मा को शांति और स्कून तो मिलता ही है, साथ ही खून के तेज दौरे को कम करने में भी काफी मदद मिलती है। अगर आप मद्धम मद्धम संगीत को सुनें तो आपको हाई ब्लड प्रैशर और थकान दोनों से ही मुक्ति मिलेगी।

-आराम

काम के बिना बेशक गुजारा नहीं है लेकिन शरीर को आराम देने से भी नजरअंदाज न करें। तनाव भरे काम से मुक्ति पाने के लिए कुछ समय निकाल कर जिम जाएं, व्यायाम करें, खाना पकाएं या फिर सैर करें। इससे आप फ्रैश और रिलैक्स महसूस करेंगे। साथ ही में पूरी नींद लें। स्ट्रैस मुक्त होने से ब्लड प्रैशर भी कंट्रोल में रहेगा।

-शराब और स्मोकिंग छोड़े

एल्कोहल और धूम्रपान की वजह से शरीर में नॉर्मल तरीके खून का संचार नहीं हो पाता, जिससे ब्लड प्रैशर बढ़ता है। धूम्रपान और शराब शरीर के बहुत सारे अंगों पर बुरा प्रभाव डालती है। इससे धमनियां कठोर बन जाती हैं  जो रक्त वाहिकाओं को चोट पहुंचती है।

Source: punjabkesari

कृपया इस महत्वपूर्ण जानकारी को अपने परिवार और मित्रों के साथ ज्यादा से ज्यादा शेयर करें!

Loading...

Next post:

Previous post:

0 Shares
Share via
Copy link
Powered by Social Snap