सोने के कमरे का वास्तु

भारत में वास्तुशास्त्र को पवित्र विज्ञान के रूप में मान्यता मिली है जो लोगों को तनावमुक्त जीवन जीने में मदद करता है। लोग सदियों से वास्तु पर निर्भर होकर जीवन के साथ उचित तारतम्य मिलाते हैं और समस्याओं से कंधे से कंधा मिलाकर चलते हैं। वस्तु आपके बेडरूम के लिए और भी अधिक ज़रूरी है, जहां आप दुनिया की सारी चिंताओं से मुक्त होकर तनावरहित नींद का आनंद ले पाते हैं। बेडरूम की स्थिति को वास्तु के हिसाब से निर्धारित कर आप अपने घर में समरसता का भाव निर्मित कर सकते हैं। एक मुख्य बात जो महत्वपूर्ण है, वो यह है कि, बेडरूम कि डिजाइन और निर्माण के समय जगह, बेड कि स्थिति, रंग का चुनाव, दिशा, दरवाजे और खिड़कियों के स्थान के साथ फर्नीचर व इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरणों को भी वास्तु के नियमानुसार ही व्यवस्थित करना चाहिए। vastu-for-kids-study-room

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सोने का कमरा वह स्थान है जहां पर आप सपना देखते हैं। यह वह कमरा है जो आपकी सारी चिंताओं को दूर कर देता है और आपको एक बेहतरीन और गाढ़ी नींद से नवाजता है, जिससे आपकी अगली सुबह ताजगी भरी, उर्जायुक्त और सकारात्मक हो। हम अपने जीवन का करीबन एक तिहाई भाग सोने में गुजारते हैं। अतः अगर आप वास्तु के हिसाब से अपने सोने के कमरे की साज सज्जा पर ध्यान देंगे, तो आपके जीवन का यह एक तिहाई हिस्सा काफी सुखमय रूप से बीतेगा।

वास्तु के अनुसार घर, नीचे दी गयी सूची में उन संभावित कारकों पर चर्चा की गयी है, जिनका ध्यान आपको अपने सोने के कमरे को सजाते समय रखना काफी आवश्यक है।

 आदर्श स्थान (Ideal location -bedroom ka vastu)
  • आपके सोने के कमरे का आदर्श स्थान दक्षिण या दक्षिण पश्चिम की तरफ होना चाहिए।
  • बच्चों के सोने के कमरे का आदर्श स्थान पूर्वी या पश्चिमी दिशा की तरफ होना चाहिए।
  • मेहमानों के लिए सोने के कमरे का आदर्श स्थान उत्तर पश्चिमी दिशा में होना चाहिए।
  • सामान्य तौर आपके सोने के कमरे का आकार समकोण (rectangle) या चौकोर होना चाहिए।

सोने की दिशाएं (Sleeping directions)

जानें सोने के लिए सबसे सही दिशा और मुद्राएं – सोने की सही दिशा

  • उत्तर की तरफ सिर करके सोने से खराब सपने आते हैं, स्वास्थ्य को हानि पहुँचती है और नींद भी ठीक से पूरी नहीं होती है।
  • दक्षिण की तरफ सिर करके सोने से गहरी और अच्छी नींद आती है तथा स्वास्थ्य भी काफी अच्छा रहता है।
  • पश्चिम की तरफ सिर करके सोने से स्वास्थ्य में काफी गिरावट दर्ज होती है।
  • पूर्वी दिशा की तरफ सिर करके सोने से आपके ज्ञान में काफी वृद्धि होती है।

सोने के कमरे के दरवाज़े और खिड़कियाँ (Bedroom doors and windows)

  • दरवाजों को पूर्वी, पश्चिमी या उत्तरी दिशाओं की ओर लगाएं, पर भूल से भी इन्हें दक्षिण पश्चिमी दिशा की तरफ ना लगाएं।
  • दरवाज़े कम से कम 90 डिग्री के कोण में खुलने चाहिए, जिससे आपके जीवन में अवसरों की कोई भी कमी ना हो।
  • सबसे बड़ी खिड़की उत्तरी या पूर्वी दिशा में होनी चाहिए, जबकि छोटी खिड़कियाँ पश्चिमी दिशा में होनी चाहिए।

घर वास्तु टिप्स – अन्य व्यवस्थाएं (Miscellaneous arrangements – vastu shastra)

ड्रेसिंग टेबल (Dressing Table) – ड्रेसिंग टेबल पूर्व या उत्तरी दिशा की तरफ होना चाहिए।

कपड़े रखने की अलमारी (Wardrobes) – कपड़ों की अलमारी को उत्तर पश्चिमी या दक्षिण पश्चिमी दिशा की तरफ रखें।

टीवी (TV) – टीवी को सोने के कमरे में रखने से परहेज करें।

पढ़ने की टेबल (Study Table) – पढ़ने की टेबल को पूर्वी, उत्तरी या उत्तर पूर्वी दिशा की ओर घुमाकर रखें।

सोने की दिशा और अवस्थाएँ

भगवान की मूर्तियाँ – आपको कोई भी धार्मिक चीज़ अपने सोने के कमरे में रखने से बचना चाहिए, क्योंकि अगर आप बिस्तर पर सोते समय अपना पैर उन धार्मिक चीज़ों की तरफ रखेंगे तो इससे उनका अपमान होगा।

आईना – अपने बिस्तर के उल्टी तरफ की दीवार पर आईना ना लगाएं, क्योंकि इससे सोने में बाधा उत्पन्न होती है। इस मुद्रा में आईना आपकी छवि का प्रतिबिम्ब दिखाता है और आपके तनाव को आपके अन्दर ही रखता है एवं इसे निकालने से आपको रोकता है।

तसवीरें (Photographs or Portraits) – जब आप सबसे पहले अपने सोने के कमरे में प्रवेश करें तो आपको शान्ति एवं ख़ुशी का अहसास होना चाहिए। ये अहसास यादगार तस्वीरों, प्रेरणात्मक विचार, पेंटिंग (painting) आदि से और भी बढ़ता है। इन चीज़ों को अपने सोने के कमरे में इस तरह रखें कि जैसे ही आप अपने कमरे में घुसें, आपकी नज़र सीधे इन पर ही पड़े।

Source: hinditips

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