अश्वगंधा के लाभ

ashwagandha-ki-jad

सम्पूर्ण भारतवर्ष में विशेषकर शुष्क प्रदेशों में असगंध के जंगली या कृषिजन्य पौधे 5,500 फुट की ऊंचाई तक पाये जाते हैं। इसके जंगली पौधे की अपेक्षा कृषिजन्य पौधे गुणवत्ता की दृष्टि से उत्तम होते हैं, परंतु तेल आदि के लिए जगंली पौधे ही उपयोगी होते हैं। यह देश भेद से कई प्रकार की कही गई है, परंतु असली असगंध के पौधे को मसलने पर घोड़े के मूत्र जैसी गंध आती है जो इसकी ताजी जड़ में अपेक्षाकृत अधिक होती है।

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विभिन्न भाषाओं में नाम :

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संस्कृत . अश्वगंधा, वराहकर्णी
हिंदी. . असंगध, अश्वगंधा
गुजराती . आसंध, घोड़ा आहन, घोड़ा आकुन
मराठी . आसंध, डोरगुंज
बंगाली . अश्वगंधा
तेलगू . पनेरू
अंग्रेजी . वीनटर चेरी
रासायनिक संघटन : ashwagandha-ki-jad

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