हेयर ट्रांसप्लांट अब और आसान, दर्द घटा-खून बहना भी रुका

अगर आप हेयर ट्रांसप्लांट कराना चाहते हैं लेकिन उस दौरान होने वाले दर्द और छिलने-कटने व खून बहने से डरते हैं तो ये खबर आपके लिए ही है। आगरा के डॉक्टर सत्या सारस्वत ने फॉलीक्यूलर यूनिट ट्रांसप्लांट यानी एफयूटी की तकनीक में बदलाव कर ऐसी प्रक्रिया ईजाद की है जिससे हेयर ट्रांसप्लांट कराते समय सिर की रक्त नलिकाएं डैमेज नहीं होंगी और जिसकी वजह से खून भी नहीं बहेगा। उनकी इस तकनीक का रिसर्च पेपर इंटरनेशनल सोसायटी ऑफ हेयर रेस्टोरेशन सर्जरी की अमेरिका के लॉस वेगस में हुई कांफ्रेंस में भी पढ़ा गया।

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डॉ. सत्या सारस्वत ने बताया कि हमारे सिर के पीछे के हिस्से के बाल जेनेटिक कारणों से नहीं झड़ते हैं। इसलिए उन्हें वहां से निकालकर आगे गंजेपन वाले हिस्से में ट्रांसप्लांट किया जाता है। एफयूटी तकनीक में पीछे के हिस्से के ये बेहद महत्वपूर्ण बाल ट्रांसप्लांट करते समय 3-5 प्रतिशत तक डैमेज हो जाते हैं। जबकि नई तकनीक में बाल डैमेज होने की संभावना 2 प्रतिशत से भी कम रह जाती है।

हेयर ट्रांसप्लांट अब और आसान, दर्द घटा-खून बहना भी रुका
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एफयूटी में पीछे के हिस्से में बाल निकालने वाला स्थान सुन्न हो जाता है। जिसे ठीक होने में 6 माह से एक वर्ष तक का समय लग सकता है जबकि नई विधि में यह समस्या नहीं आती।

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