आयुर्वेद के अनुसार क्यों खाएँ छिलके समेत फल

 

हाल ही में ऑस्ट्रेलिया के वैज्ञानिकों ने एक रिसर्च में पता लगाया है कि आम का छिलका वजन कम करने में मदद कर सकता है। यानी आम के आम और छिलकों के भी दाम। ऐसे कई फलों और सब्जियों के छिलके हमारी सेहत के लिए काफी फायदेमंद हैं
खट्टे फलों के छिलके

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जर्नल ऑफ न्यूट्रीशन में छपे एक शोध के अनुसार संतरे व नींबू जैसे खट्टे फलों में मोनोटरपीनिज नाम का तेल पाया जाता है। यह तेल त्वचा, पेट और फेफड़ों को कैंसर से सुरक्षा देता है। एग्रीकल्चर एंड फूड कैमिस्ट्री के एक शोध के मुताबिक कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने के लिए दवा की तुलना में संतरे और नींबू के छिलके ज्यादा प्रभावी होते हैं। संतरे के छिलके के अंदरूनी सफेद हिस्सों में हेरपेरिदिन नामक एंटीऑक्सीडेंट पाया जाता है, जो कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने, रक्तचाप को सामान्य रखने और पैक्टिन तत्व शुगर के स्तर को सामान्य रखने मे मददगार साबित होता है।
कैसे उपयोग में लाएं

इन छिलकों को ऐसे ही नहीं खाया जा सकता। इसके लिए आप इन छिलकों को पानी में उबालकर चाय की तरह पी सकते हैं। इस मिश्रण को पीने से अनिंद्रा में भी काफी आराम मिलता है।
सेब

सेब में अधिक मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट और विटामिन सी होता है, जो त्वचा और मसूढ़ों को स्वस्थ रखता है। सेब के छिलके में इन आवश्यक तत्वों की मात्र कहीं अधिक होती है। सभी फलों की तुलना में सेब में कैंसर व अन्य रोगों से रक्षा करने वाले तत्व ज्यादा पाए जाते हैं। सेब में कई प्रकार के फाइटोकेमिकल्स मौजूद होते हैं, जो स्तन, कोलोन और पेट के कैंसर से रक्षा करते हैं।
केला

केले को हम सभी छीलकर ही खाते हैं। लेकिन यदि दिन में एक केले के छिलके का सेवन किया जाए तो अवसाद जैसी गंभीर समस्या से छुटकारा मिल सकता है। ताइवान के चुंन शान मेडिकल यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों का दावा है कि शरीर में पाया जाने वाला सेरोटोनिन हारमोन मूड को नियंत्रित करता है। इसी हारमोन में असंतुलन के कारण लोग अवसाद की चपेट में आ जाते हैं। केले के छिलके में इस हारमोन के स्तर को सामान्य बनाए रखने के गुण मौजूद होते हैं। साथ ही केले के छिलके में पाया जाने वाला एंटीऑक्सीडेंट आंखों के रेटिना की रक्षा करता है।

छिलकों के साथ फल खाने से पेट भी जल्दी भरता है और वजन भी नियंत्रण में रहता है।
लौकी और तौरी के छिलके भी पोषण से भरपूर होते हैं। इन्हें बारीक काटकर इनकी सब्जी भी बना सकते हैं। छिलकों से बनी सब्जी पेट के रोगों में फायदा पहुंचाती है।

< खीरे भी छिलका उतारे बिना खाया जा सकता है।
< मटर के मुलायम छिलकों की आलू के साथ स्वादिष्ट सब्जी बनती है।
< खरबूजे को छिलके सहित खाने से कब्ज दूर होती है।
< दाल में खरबूजे के छिलके मिलाकर पकाने से दाल स्वादिष्ट बनती है तथा आसानी से पचती है। खरबूजे के छिलकों से सब्जी भी बनाई जा सकती है।
< कड़वे करेले के छिलकों को निचोड़कर नमक लगाकर एक घंटे तक धूप में सुखाएं। इसे तलकर खाएं। यह मधुमेह रोगियों के लिए रामबाण है।
< बवासीर के मरीज को शलजम के छिलकों को उबले आलू और बेसन में मिलाकर कोफ्ते बनाकर खाने से आराम मिलता है। इससे पेट भी साफ हो जाता है।
< मटर के छिलकों की पतली परत उतारकर उसे आलू के साथ मिलाकर सब्जी बनाएं। इस सब्जी को खाने से पेट साफ होता है, त्वचा भी चमकदार होती है।
< पालक की डंडियों को व्यर्थ समझकर फेंके नहीं। इसे मटर के ताजे छिलकों और हरे धनिये के साथ मिलाकर सूप बनाएं। ये सूप गर्भवती महिलाओं के लिए काफी फायदेमंद होता है, क्योंकि पालक की डंडियों में बहुत आयरन होता है।

Source: streetayurveda

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