ठंडा और खांसी – मुँहासे या मितली – घरेलू उपचार से करें इन बीमारियों का इलाज

ठंडा और खांसी, मुँहासे या मितली : घरेलू उपचार से करें इन बीमारियों का इलाज

अक्सर हम अपनी दादी मां और मां की बातों को अनसुना कर देते हैं या उन्हें नहीं मानते। ख़ासतौर से वह टाइम जब वे हमें भीगे हुए बादाम खाने को कहती थीं, हड्डियों को मजबूत बनाने के लिए दूध से भरा ग्लास पीने की सलाह देती थीं या फिर तब जब वह हमें हेल्दी रहने के लिए घी खाने की जिद्द करती थीं। देसी नुस्खों द्वारा लगातार एलोपैथी के प्रभाव पर सवाल उठाए जाते रहे हैं और घरेलू नुस्खों पर जोर दिया गया है, जो कि कई पीढ़िय़ों से चले आ रहे हैं।

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इन घरेलू नुस्खों का जादू देखने वाली मैं अकेली नहीं हूं। इनके प्रभावों को लोगों ने जाना और अजमाया है। मैं अक्सर इन नुस्खों को मज़ाक की तरह लिया करती थी। लेकिन, मेरी खांसी और कफ दादी के काड़े से ही ठीक हुआ। वहीं, मेरी थकान और कमजोरी मम्मी के शीर से। काड़ा अदरक, तुलसी के पत्ते, काली मिर्च के दाने (कुटी हुई) और उबला हुए गर्म पानी के मिश्रण से बनाया जाता है और शीरा एक सुनहरे रंग का सिरप है, जो कि बेसन और शुगर से बनता है।’

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