करेला कड़वा लेकिन गुण बेहद मीठे

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करेला का नाम सुनते ही कड़वेपन का ख्याल आ जाता है। हरे या गहरे हरे रंग की इस सब्जी का स्वाद भले ही मन को न भाए पर इसमें ढेरों एंटीऑक्सीडेंट और जरूरी विटामिन पाए जाते हैं। करेले का सेवन हम कई रूपों में कर सकते हैं। हम चाहें तो इसका जूस पी सकते हैं, अचार बना सकते हैं या फिर इसका इस्तेमाल सब्जी के रूप में कर सकते हैं। करेले का नूट्रिशनल वैल्यू: करेले में प्रचूर मात्रा में विटामिन A, B और C पाए जाते हैं। इसके अलावा कैरोटीन, बीटाकैरोटीन, लूटीन, आइरन, जिंक, पोटैशियम, मैग्नीशियम और मैगनीज जैसे फ्लावोन्वाइड भी पाए जाते हैं।

 करेला शीतल, भेदक, हलका, कड़वा व वातकारक होता है और ज्वर, पित्त, कफ रूधिर विकार, पाण्डुरोग, प्रमेह और कृमि रोग का नाश भी करता है। करेले का साग उत्तम पथ्य है। यह आमवात, वातरक्त, यकृत, प्लाहा, वृध्दि एवं जीर्ण त्वचा रोग में लाभदायक होता है। इसमें विटामिन ‘ए’ अधिक मात्रा में होता है। इसमें लोहा, फास्फोरस तथा कम मात्रा में विटामिन सी भी पाया जाता है।
अनेक तरह के करेले पाए जाते हैं एक हल्के हरे और बड़े एवं दुसरे गहरे हरे और छोटे| दोनों ही स्वास्थ्य की दृष्टी से अच्छे  हैं|

करेले के औषधीय गुण:-

1. डायबिटीज़ रोगियों के लिए उपयोगी:-

करेला मधुमेह में रामबाण औषधि का काम करता है। मधुमेह के रोगियों के लिए करेला का जूस बेहद ही लाभदायक है| अगर एक कप करेले के जूस का सेवन नियमित रूप से किया जाये तो शरीर में इन्सुलिन की मात्रा बढ़ जाती है| इसमें मौजूद केरंटिन खून में शर्करा की मात्रा को नियंत्रित रखता है| चैराटिन और मोमर्सिडीन जैसे एंटी-हाइपर ग्लेसेमिक तत्वों के कारण करेले का जूस ब्लड शुगर लेवल को मांसपेशियों में संचारित करने में मदद करता है| करेले के बीजों में भी पॉलीपेप्टाइड-पी होता है जो कि इन्सुलिन को काम में लेकर मधुमेह में शर्करा की मात्रा को कम करता है|

2. पाचन तंत्र को सुधारता है:-

पाचन क्रिया ठीक होने से भूख लगती है जिससे शरीरी को सभी जरुरी पोषक तत्व मिल जाते है।
करेले में एन्थेलमिन्टिक यौगिक होते हैं जो जठरांत्रिय रोगों से सुरक्षा प्रदान करते हैं| करेले का रस परजीवी कृमियों एवं अन्य ज़हरीले पदार्थों का भी नाश कर देता है|  प्रति 100 ग्राम करेले में लगभग 92 ग्राम नमी होती है। साथ ही इसमें लगभग 4 ग्राम कार्बोहाइडेट, 15 मिली ग्राम प्रोटीन, 20 मिलीग्राम कैल्शियम, 70 मिलीग्राम फास्फोरस, 18 मिलीग्राम, आयरन तथा बहुत थोड़ी मात्रा में वसा भी होती है। इसमें विटामिन ए तथा सी भी होती है जिनकी मात्रा प्रति 100 ग्राम में क्रमश: 126 मिलीग्राम तथा 88 मिलीग्राम होती है।

3. उल्टी-दस्त में फायदेमंद

करेले के तीन बीज और तीन काली मिर्च को घिसकर पानी मिलाकर पिलाने से उल्टी-दस्त बंद हो जाते हैं। अम्लपित्त के रोगी जिन्हें भोजन से पहले उल्टियां होने की शिकायत रहती है, करेले के पत्तों को सेंककर सेंधा नमक मिलाकर खाने से फायदा होता है। अथवा करेले के रस में थोड़ा पानी और काला नमक मिलाकर सेवन करने से तुरंत लाभ मिलता है।

4. कोलेस्ट्रोल को कम करता है:-

करेला दिल के लिए कई मायनों में काफी फायदेमंद होता है। यह अर्टरी वॉल पर इकठ्ठा होने वाले खराब कोलेस्ट्रोल को कम करता है, जिससे हॉर्ट अटैक का खतरा काफी कम हो जाता है। साथ ही यह ब्लड सूगर लेवल को भी कम करता है, जिससे दिल तंदुरुस्त बना रहता है

5. आँखों की रोशनी बढ़ाता है:-

करेला आँखो की रौशनी बढ़ाता है नियमित करेले के जूस का सेवन कर आप विभिन्न दृष्टि दोषों को दूर कर सकते हैं| दरहसल करेले में बीटा- कैरोटीन और विटामिन ए की अधिकता होती है जिससे दृष्टि ठीक होती है| इसके अलावा इसमें विटामिन सी और एंटी-ऑक्सीडेंट्स मौजूद होता है जो ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से होने वाली नजरों की कमजोरी से बचाता है

6. लिवर को मजबूत  करता है :-

नियमित तौर पर एक गिलास करेले का जूस पीने से लिवर मजबूत होता है यह लिवर से जहरीले पदार्थों को निकालता है और पोषण प्रदान करता है जिसे लिवर सही काम करता है और लिवर की बीमारियां दूर रहती हैं| इसे पिने से पीलिया जैसी बीमारिया नहीं होती है।

7. त्वचा को सुंदर बनाता है:-

अगर आपके चेहरे में ज्यादा ही फोड़े या फुंसी होती हो तो हर एक दिन छोड़ कर करेले का जूस लिया करे, जो की आपके खून को साफ़ करने में मदद करेगी और चेहरे पर होने वाली फुंसी को भी होने से रोकिगी |

करेले के रस के सेवन से रक्त साफ होता हैं और त्वचा के रोग ठीक हो जाते है | करेले से पाचन क्रिया ठीक होती हैं इस कारण भी चेहरे पर मुंहासे जैसे रोग नहीं होते | करेला पेट साफ़ करने में भी सहायक होता हैं जिससे चर्म रोग नहीं होते| करेले की पत्तियों में भी विशेष गुण होते हैं आप चाहे तो इसका लैप भी बना के लगा सकते है।

8.  रक्त को साफ करता है :-

करेले का जूस शरीर में खून को साफ़ करता है| यह जहरीले तत्वों को शरीर से बाहर निकालता है और फ्री रेडिकल्स से हुए नुकसान से भी बचाता है| इसलिए ब्लड को साफ़ करने और मुहासों जैसी समस्याओं को दूर करने के लिए एक गिलास करेले का जूस अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में शामिल कर ले।

9. बवासीर में फायदेमंद:-

बवासीर में करेले के तीन चम्मच रस को एक ग्लास दूध में मिलाकर प्रतिदिन खाली पेट पिया जाना चाहिए सिर्फ एक माह में ही असर दिखने लगेगा अगर आप इसे बाह्य रूप से ठीक करना चाहते हैं तो करेले की जड़ का पेस्ट बना कर उसे बवासीर प्रभावित स्थान पर लगाना चाहिए|

10. पेट को साफ़ करता है:-

जिन बच्चों का जिगर खराब होता है,पेट साफ नहीं होता और पानी पीने से पेट फूल जाता है। उन्हें आयु के हिसाब से एक या आधा चम्मच करेले का रस में पानी मिलाकर पिलाने से बढ़ा हुआ जिगर ठीक हो जाता है और पेट में भरा पानी साफ हो जाता है।

एक बड़ा चम्मच करेले के पत्तियों के रस को एक गिलास छाछ में मिलाकर लेने से पेट के कीड़ों से छुटकारा मिल सकता है। यह लीवर को ताकत देता है तथा आँतों में कीड़ों से होने वाले विकारों से भी सुरक्षा देता है। पेट में कीड़े होने पर इसका रस रामबाण औषधि है। कीड़े होने पर करेले का रस ग्रहण करना चाहिए।

11. एसिडिटी, छाती में जलन और खट्टी डकारों में लाभकारी:-

करेले में फाइबर के गुण पाए जाते हैं, जो पाचन तंत्र को मजबूत बनाता हैं। साथ ही यह अपच और कब्ज की शिकायत को दूर करता है। कब्ज के रोगियों को चाहिए कि इसकी सब्जी नियमित खायें और इसका रस सेवन करें, कब्ज से छुटकारा होगा। करेले की सब्जी खाने से कभी कब्ज नहीं होती यदि किसी व्यक्ति को पहले से कब्ज हो तो वह भी दूर हो जाती है। इससे एसिडिटी, छाती में जलन और खट्टी डकारों की शिकायत भी दूर हो जाती है।

12. पीलिया में रामबाण औषधी:-

पीलिया और मलेरिया जैसे बुखार में करेले को पीसकर निकाले गए रस को दिन में दो बार पिलाना चाहिए। पीलिया में कच्चा करेला पीसकर खाना फायदेमंद है। लीवर से संबंधित बीमारियों के लिए तो करेला रामबाण औषधि है। जलोदर रोग होने पर आधा कप पानी में 2 चम्मच करेले का रस मिलाकर ठीक होने तक रोजाना तीन-चार बार सेवन करने से फायदा होता है।

13. दर्द से राहत :-

गठिया या जोड़ों के दर्द में करेले की सब्जी खाने और दर्द वाली जगह पर करेले की पत्तों के रस से मालिश करने से आराम मिलता है। करेले तथा तिल के तेल को बराबर मात्रा में लेकर प्रयोग करने से वात रोगी को आराम मिलता है। इस तेल की मालिश करने से गठिया तथा वात के रोग से लाभ होता है

14. शारीर को ताकत देता है:-

प्रतिदिन करेले के रस के सेवन से कार्य करने की क्षमता और ऊर्जा दोनों को बढाया जा सकता है|

15. पथरी के इलाज में रामबाण:-

पथरी रोगियों को दो करेले का रस पीने और करेले की सब्जी खाने से आराम मिलता है। इससे पथरी गलकर बाहर निकल जाती है। इसके पत्तों के 50 मिलीलीटर रस में थोड़ी-सी हींग मिलाकर पीने से पेशाब खुलकर आता है। पथरी होने पर करेले का रस नियमित सेवन करना चाहिए। इससे पथरी गलकर निकल जाती है। पथरी गुर्दे की हो या मूत्राशय की, इसे तोड़कर बाहर निकालने की क्षमता करेला रखता है।

16. मोटापा से राहत दिलाए:-

करेले का रस और एक नींबू का रस मिलाकर सुबह सेवन करने से शरीर में उत्पन्न टॉकसिंस और अनावश्यक वसा कम होती है और मोटापा दूर होता है। करेले के रस को नींबू के रस के साथ पानी में मिलाकर पीने से वजन कम किया जा सकता है। वजन कम करना करेले में एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। यह शरीर के मेटाबोलिज्म और पाचन तंत्र को बेहतर बनाता है, जिससे वजन कम करने में मदद मिलती है।

17. अस्थमा में आरामदायक:-

एक कप पानी में दो चम्मच करेले का रस, तुलसी के पत्तों का रस और शहद मिलाकर रात में सोते समय पीने से अस्थमा एवम् दमा होने पर बिना मसाले की छौंकी हुई करेले की सब्जी खाने से फायदा होता है।

18. हैजे में असरदार:-

हैजा एक बहुत ही खतरनाक महामारी है जो किसी भी आयु समूह को हो सकती है| करेले का रस प्राकृतिक रूप से लाभकारी है | इसके लिए दो चम्मच करेले के रस को बराबर मात्रा में सफ़ेद प्याज के रस के साथ प्रतिदिन स्वस्थ हो जाने तक लिया जाना चाहिए|

19. रोग प्रतिरोैधक क्षमता बढती है:-

आप खुद को इंफेक्शन से बचाना चाहते हैं तो करेले या करेले की पत्ती को पानी में उबाल कर इसका सेवन करें। इससे आपकी इम्यूनिटी को भी फायदा पहुंचेगा।

20. संक्रमण को कम करता है:-

करेले की पत्तियां भी गुणकारी होती हैं यह मलेरिया के जीवाणुओ को बढ़ने से रोकती है एवं खसरा,चेचक, खाज और यहाँ तक की एच.आई.वी. जैसे अन्य विशाणुओ को कमज़ोर कर देती है| अगर मलेरिया के लक्षण दिख रहे हों तो कुछ करेले की पत्तियों को उबालकर उसका पानी पी लीजिये| स्वाद के लिए नमक या शक्कर मिलाई जा सकती है| करेले के बीज ह्रदय की बीमारियों से रक्षा करते हैं और यह वसा को जलाने में भी सहायक हैं| हालाँकि इसका स्वाद कड़वा होता है पर स्वास्थ की दृष्टी से यह बहुत ही अच्छा होता है|

Source: sanjeevnitoday

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