हरी इलायची में समाए औषधीय गुण

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इलायची सुंगधित होने के कारण इसका इस्तेमाल मुख शुद्धि के रूप में किया जाता है। त्यौहारों पर मीठा बनाने के लिए मसालों तथा औषधियों में भी इसका अधिक उपयोग होता है। तो आइए, जानते हैं इलायची के औषधीय गुणों के बारे में-
दूध या अन्य खाद्य पदाथों के साथ इलायची का सेवन करेन से मुख शुद्धि होती है। मुख में इलायची रखकर चूसने से भी मुख की दुर्गध से मुक्ति मिलती है।
इलायची दानों का पाउडर और शक्कर सम भाग में लेकर उसमें थोडा एरंडी का तेल मिलाकर 5 ग्राम की मात्रा में प्रतिदिन सुबह सेवन करने से आंखों को ठंडक पहुंचती है और आंखों की ज्योती बढती है।
आधा-आधा ग्राम इलायची और सोंठ के पाउडर में 1 ग्राम शहद मिलाकर चाटने से अथवा इलायची के तेल 4-5 बूंदें शक्कर के साथ लेने से कफजन्य खांसी दूर हो जाती है।
मुंह में छाले हो गए हों तोइलायची पाउडर को शहद में मिलाकर छालों पर लगाने और लार टपकानेसे छाले ठीक हो जाते हैं।
इलायची दाना, पीपरामूल और पटोलपत्र सम भाग भाग में लेकर चूर्ण बनाएं। 2-4 ग्राम पाउडर घी के साथ सुबह शाम चाटने से कफजन्य ह्वदय रोग से राहत मिलती है।
खाना खाने के बाद इलायची खाने से खाना जल्दी पचता है।
Source: shiromaninews
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