वक्रासन के लाभ और विधि

vakrasan_2318.jpg

जिस तरह आयुर्वेद सेहत को स्वस्थ बनाता है। ठीक उसी तरह योग शरीर को अंदर और बाहर दोनों रूपों में आपको निरोगी बनाए रखता है। वक्रासन योग की एैसी क्रिया है जिसे बैठकर किया जाता है। और वक्रासन का मतलब वक्र यानी टेढ़ा। इस आसन में गर्दन सीधी रहती है। और शरीर टेढ़ा रहता है। कैसे किया जाता है वक्रासन और इसके क्या फायदे हैं वैदिक वाटिका आपको बता रही है।

Loading...

वक्रासन के लाभ 

वक्रासन करने की विधि

Loading...

  • सबसे पहले एक आसन बिछाएं। अब
  • पैरों को सामने फैलाकर बैठें।
  • कमर सीधा रखें और आंखे सामने की तरफ रखें।
  • दोनों हाथों को अच्छे से बगल में रखें।
  • दाहिने पैर के घुटने को मोड़कर बाएं पैर की सीध में रखें।
  • फिर दाएं हाथ को पीठ पीछे ले जाएं।
  • थोड़ी देर इस ही स्थिति में रहें। अब
  • बाएं पैर के घुटने को मोड़कर इस आसन को करें। और
  • बाएं हाथ को दाहिने पैर के घुटने के उपर से आर-पार करके जमीन में रखें।
  • हल्के से गर्दन को पीछे की तरफ ले जाएं और कोशिश करें अधिक से अधिक पीछे देखने की।
vakrasan_2318.jpg

Next post:

Previous post:

0 Shares
Share via
Copy link
Powered by Social Snap