जिस तरह नहाने से शरीर के बाहर की सफाई होती है, उसी तरह पानी पीने से शरीर के अंदर की सफाई होती है. विभिन्न कोशिकाओं के निर्माण, टॉक्सिंस से मुक्ति और शरीर का तापमान नियंत्रित करने में पानी की अहम भूमिका होती है. दिन भर सांस लेने-छोड़ने में ही हम 2-3 कप पानी खर्च कर देते हैं. पसीने के अलावा, यूरीन के रूप में निकला पानी शरीर की गंदगी साफ करता है. अगर शरीर से करीब 10 फीसदी तरल पदार्थ कम हो जाएं तो डिहाइड्रेशन का खतरा रहता है. यही वजह है कि किडनी को दुरुस्त रखने के लिए भी बार-बार पानी पीना जरूरी है.