हार्मोनल कॉन्ट्रासेप्टिव जैसी गर्भनिरोधी दवाएं लेनेवाली महिलाओं में डिप्रेशन का जोखिम बढ़ जाता है और इससे बचाव के लिए उन्हें एंटी-डिप्रेशन दवाएं लेनी पड़ती है. ‘साइंस एलर्ट’ के मुताबिक, यूनिवर्सिटी ऑफ कोपेनहेगेन के शोधकर्ताओं ने एक नये शोध में पाया है कि गर्भनिरोध के लिए दुनियाभर में महिलाओं द्वारा अपनाये जा रहे ज्यादातर तरीकों में प्रोजेस्टेरोन जैसे हार्मोन का ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है, जिस कारण यह समस्या पायी गयी है.