हृदय रोगों का प्रमुख कारण है गलत खानपान, एक ऐसा लेख जो आपको जागरूक बनायेगा

आगे पढने के लिए next बटन पर क्लिक करें

Loading...

Sharing is caring!

दिन पर दिन विश्व में हृदय रोगियों की सँख्या बढ़ती जा रही है इसका प्रमुख कारण यह है कि हम अपने खानपान के प्रति लापरवाह होते जा रहे हैं । 2 इंच लम्बी जीभ के स्वाद के सामने हम 70 इंच के शरीर को बलिदान कर देने की प्रवृत्ति को पालते ही जा रहे हैं । जब स्वास्थय से ज्यादा स्वाद का ध्यान रखा जाने लगे तो शरीर रोगों का घर बनेगा ही और गलत खानपान का एक प्रमुख अभिशाप है हृदय रोग होना ।

हृदय रोगों में प्रमुख रोग है नसों में वसा का इक्टठा हो जाना जिस कारण रक्त के प्रवाह में रुकावट आती है और हृदय को रक्त की आपूर्ति पूरी तरह नही हो पाती है । इस अवस्था में रोगी को एंजाइना का दर्द होने लगता है । जब रक्त का यह प्रवाह हृदय के एक हिस्से में पूरी तरह से रुक जाता है और उस हिस्से की माँसपेशियॉ पूरी तरह से बेकार हो जाती हैं तो इस अवस्था को हृदयाघात अथवा हर्टअटैक कहते हैं ।

अब सवाल यह उठता है कि इन रोगों के होने की सम्भावना से स्वस्थ व्यक्ति और रोगी को कैसे बचना चाहिये । तो इसका जवाब है कि सबसे पहले ज्यादा वसा वाले भोजन का परहेज करना चाहिये । ऐसे व्यक्ति को वनस्पति घी (डालडा) मक्खन, क्रीम, आइसक्रीम आदि से परहेज रखना चाहिये । यहॉ एक बात ध्यान देने वाली है कि कुछ लोगों के अनुसार देशी घी भी ऐसे लोगों को नही खाना चाहिये, ऐसा उस दशा में सत्य है जब देशी घी भैंस के दूध से बना हो । यदि देशी घी देशी गाय के दूध से बना हो तो हृदय रोगी भी उस घी को हमारे मत में निश्चिंत होकर खा सकते हैं । इसी तरह दूध का सेवन करते समय यदि दूध भैंस का हो तो उसको क्रीम निकालने के बाद ही सेवन करना चाहिये जिसको कि सप्रेटा दूध कहते हैं । भोजन पकाने के लिये गाय के दूध से बने देशी घी अथवा तिल या सूरजमुखी के तेल का प्रयोग करना चाहिये ।

तले हुये खाघ पदार्थ जैसे कि पूड़ी, परांठा, समोसा, कचौड़ी, पकौड़े तथा पनीर आदि ना खायें । पनीर का सेवन यदि करना है तो उसको भून कर ही खायें । कोल्ड-ड्रिंक और एल्कोहल हृदय रोगियों के दो बहुत बड़े दुश्मन हैं । हृदय रोगियों को कोल्ड्ड्रिंक और एल्कोहल के सेवन से पूरी तरह बचना चाहिये । इनके अलावा चीनी, जैम, अरबी, मैदा से बनी चीजे कम सेवन करनी चाहियें क्योकि ये चीजे पाचन के दौरान बड़ी मात्रा में वसा के रूप में परिवर्तित होकर शरीर में संचित हो जाती हैं । फ्रीज का रखा गया ठण्डा पानी भी हृदय रोगियों के लिये सेवन करना गलत है । वैसे तो ज्यादा ठण्डा पानी सभी के लिये ही गलत होता है किंतु हृदय रोगियों के लिये विशेष रूप से हानिकारक है ।इस लेख के अंतिम शब्दों में बात करते हैं कि क्या सेवन किया जाना चाहिये । सबसे पहले तो रोटी बनाते समय ध्यान रखना चाहिये कि आटा चोकर वाला हो । चोकर निकाल देने के बाद ये सिर्फ मैदा ही बचता है जिसका की पूर्ण परहेज होता है । हरी पत्तेदार सब्जियॉ विशेष रूप से सेवन करनी चाहियें । इनमें भी मेथी, बथुआ, मूली के पत्ते मौसम के अनुसार अपने भोजन में ज्यादा से ज्यादा शामिल करने चाहियें । प्राकृतिक रूप से तैयार किया गया सिरका, गरम और गुनगुना पानी, गाय का दूध अदरक, लहसुन और प्याज का सेवन हृदय रोगियों के लिये बहुत लाभकारी होता है । भोजन हमेशा सोने से दो घण्टे पहले जरूर कर लें ।

 

Loading...

Spread the love
  •  
  • 9
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
आगे पढने के लिए next बटन पर क्लिक करें

Next post:

Previous post:

x
Please "like" us: